Sunday, 17 February 2013

अब कार के लिये हाथ नहीं दिमाग चाहिए




 दोस्तों आज की  जानकारी कार के स्टियरिंग पर हाथ फेरना अगर आपको झंझट लगता हैतो बहुत जल्द आप यह काम दिमाग पर छोड़कर हाथों को फ्रीकर सकते हैं और सफर का मजा उठा सकते हैं। जर्मनी केवैज्ञानिकों ने ऐसी कार डिवेलप की है ,



 जिसे चलाने के लिएआपको बस सोचने भर की जहमत उठानी होगी। 

न्यू साइंटिस्ट मैगजीन के मुताबिक , फ्री यूनिवर्सिटी ऑफबर्लिन में रॉल रोजस की अगुआई में इंजीनियरों की एक टीमने ऐसी कार बनाकर उसके कामयाब टेस्ट भी कर दिए हैं ,जिनमें स्पीड और दिशा तय करने के लिए ड्राइवर को बससोचना भर पड़ता है। इस सिस्टम का बड़ा फायदा यह भी है कि आपको टैक्सी ड्राइवर गुमराह नहीं कर सकता।ऐसी कार अगर आपके पास है तो आप जब चाहें , जिधर चाहें गाड़ी घुमा सकते हैं। बीच रास्ते में अगर आपनेकहीं और जाने की सोची तो गाड़ी आपको उसी ओर ले चलेगी। और फायदे देखिए , जो लोग शारीरिकविकलांगता के कारण अभी गाड़ी नहीं चला पाते हैं , वे इस तरह की कार दौड़ा सकते हैं। 

इंजीनियरों ने इस सिस्टम को फॉक्सवेगन पसात में फिट किया है। कार में लगे लेजर रेडार , माइक्रोवेव रेडारऔर स्टीरियो कैमरा की मदद से यह कार 200 की दूरी से ही अपने चारों ओर मौजूद किसी भी रुकावट का पतालगा सकती है। हर मायने से यह अपने आप में सक्षम कार है। फिर चाहे खुद से ड्राइविंग का मामला हो याआईपैड या आईफोन से जुड़ने का।  दोस्तों है न मजेदार जानकारी  तो ठोको कमेंट  आप का अपना ओम त्यागी धन्यवाद



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