Tuesday, 13 August 2013

मारुती के मिनी S U V CAR 2013


A-अल्फा ऑटो एक्सपो से दिलचस्प अवधारणा के रूप में काफी स्पष्ट कर दिया, मारुति अपने स्वयं के मिनी एसयूवी विकसित कर रहा है, जो बिक्री पर 2013 के बाद के हिस्से में जा सकते हैं. स्विफ्ट मंच पर बनाया जा, एसयूवी एक साफ चादर डिजाइन और बुच एसयूवी तत्वों की बहुत सारी के साथ आ जाएगा. शुरुआत के लिए, एसयूवी बहुत कम सामने और पीछे overhangs, जो भी कर रहे हैं चार मीटर के निशान के तहत लंबाई रखने के लिए आवश्यक होगा. अवधारणा सेट उच्च पांच ब्लॉक जंगला, भारी ललाट cladding, oversized पहिया मेहराब और मोटी सी स्तंभ के कुछ अन्य रोचक डिजाइन तत्वों हम उत्पादन मॉडल पर देखने की उम्मीद कर रहे हैं. रखने के लागत की जांच में, नया एसयूवी स्विफ्ट डैशबोर्ड के साथ आ सकता है. मारुति K-सीरीज पेट्रोल इंजन और 1.3 लीटर DDiS डीजल इंजन की अपनी सीमा के साथ उत्पादन XA-अल्फा और वहाँ एक चार पहिया ड्राइव संस्करण भी हो जाएगा. यह कैसे मारुति कीमतों की अपनी मिनी एसयूवी विज़-A-विज़ फोर्ड EcoSport को देखने के लिए दिलचस्प हो जाएगा.

FACTFILE
इंजन: 1.2 लीटर पेट्रोल, 1.3 लीटर डीजल
बिजली / टोक़: 86bhp/11.6kgm, 88.7bhp/20.4kgm
फुटपाथ वजन: NA
/ एल / डब्ल्यू एच: NA
अंत की उम्मीद: 2013
कीमत: 7 लाख रु *



उड़ने वाली कार रोचक जानकारी




 दोस्तों जल्दी आप लोगो के बिच मै एक  कार आयगी जो है  दुनिया की पहली उड़ने वाली कार 2015 तक बाजार में आ जाएगी। अमेरिका के मैसाच्युसेट्स स्थित कंपनी टेराफ्यूगिया ने ऐसी घोषणा की है।

Honda c r v


दोस्तों होंडा crv न्यू रूप मै आप लोगो के बीच आने को तेयार है  होंडा का ऑटो मोबाइल  मै एक  अलग नाम है देखते है क्या खास है इस कार मै बहुत अच्छी है
सबसे पहली बात, नए सीआर-V होंडा है कि जनवरी 2013 में भारत के नेतृत्व में है एक डीजल इंजन के साथ उपलब्ध नहीं लॉन्च के समय कम से कम हो जाएगा. यदि आप अभी भी रुचि रखते हैं, तो आपको पता होना चाहिए कि नवीनतम CR-V वर्तमान कार दोनों के अंदर और बाहर के एक विकास की तरह लग रहा है. हालांकि, आसानी से पहचाना आकार अधिक aerodynamic है और पहले की तुलना में airier केबिन. तो फिर वहाँ बेहतर चेसिस कठोरता है कि सीआर-V पहले से ही प्रसिद्ध गतिशीलता को बढ़ाने का वादा किया है, हालांकि नए बिजली स्टीयरिंग एक dampener यहाँ किया जा सकता है. Powertrains पर मौजूदा मॉडल से किए जाने की संभावना हैं. सावधानी के यहाँ एक शब्द - क्योंकि यह वर्तमान मॉडल की तरह एक पूर्ण आयात, सीआर-V नई एक उम्मीद 28 लाख रुपए के आसपास की कीमत टैग के साथ सस्ता नहीं होगा.

FACTFILE
 इंजन: 2.4 लीटर पेट्रोल, 2.0 लीटर पेट्रोल
 बिजली / टोक़: 185bhp/22.5kgm, 148bhp/19.6kgm
 फुटपाथ वजन: 1500kg
 / एल / डब्ल्यू एच: 4528/1818/1654mm
 उम्मीद: जनवरी 2013
 कीमत: 28 लाख रुपये *
आप को ये पोस्ट केसी लगी जरुर बताये 

ड्राइवर नहीं, कंप्यूटर चलाएंगे कार





दोस्तों  नमस्कार  मै ओम त्यागी  आज आप के लिये  रोचक जानकारी लाया हु
ड्राइवर नहीं, कंप्यूटर चलाएंगे कार
कैडिलैक इसी साल ऐसे दो नए मॉडल बाजार में उतारने वाली है जिनमें अनेक हाई-टेक ऑप्शन होंगे
नए सेंसरों व ऑटोमैटिक कंट्रोल की बदौलत कार एक्सीडेंट को बड़े आराम से टाला जा सकता है
अद्र्ध-स्वचालित मोड में डाल देने पर यह कार अपनी तय लेन में एक खास स्पीड से खुद ही लगातार चल सकेगी

Wednesday, 7 August 2013

मारुती के बारे मै कुछ खास जानकारी





दोस्तों आज के मेरे ये पोस्ट मारुती सुजुकी के बारे मै है  की केसे  मारुती ने  इण्डिया मै ऑटोमोबाइल क्रांति के सुरुवात की दोस्तों आज ये पोस्ट  मारुती सुजुकी के नाम है  मेरे प्यारे भाइयो   अगर ये पोस्ट आप को अच्छी लगे तो जरुर बताये   मेरा प्रयास केसा लगा आप को जरुर  कमेन्ट करे अब आते है पोस्ट पर   दोस्तों

तत्कालीन

भविष्य का स्कूटर




भविष्य का स्कूटर
स्कूटर सेगमेंट में खासतौर पर भारत में बिजली से चलने वाले स्कूटर बाजार में मौजूद हैं। इनकी उपस्थिति अभी इतनी नहीं है कि यह कहा जा सके कि इन्होंने अपना स्थान बाजार में बना लिया है। विदेशों में इलेक्ट्रिक स्कूटरों को लेकर काफी जिज्ञासा रहती ह
ै एवं अच्छी खासी संख्या में लोग इनका प्रयोग करते हैं। अब इन स्कूटरों का पर्यावरण हितैषी होना इनकी सबसे बड़ी खूबी है, पर स्मार्ट ई-स्कूटर ने जो कंसेप्ट स्कूटर लाया है, उसमें सुरक्षा को लेकर काफी ख्याल रखा गया है। इस स्कूटर के डिजाइन को लेकर काफी तारीफ भी पाई है। इसे पेरिस मोटर शो में प्रदर्शित किया गया था।
* इस स्कूटर में सुरक्षा उपकरण लगाए गए हैं, जो अब तक कारों में होते थे। जैसे एयर बैग एबीएस एंटी लॉक ब्रेक सिस्टम तथा ब्लाइंड स्पॉट असिस्ट।
* इरगोनॉमिक कंसेप्ट पर आधारित इसका डिजाइन काफी अलग है।
* स्टील व एल्युमीनियम का फ्रेम है।

* इसमें एलईडी टेक्नॉलॉजी का प्रयोग किया है, फ्रंट हेडलैम्प, बैकलाइट में।

* डिक्की में पर्याप्त जगह है।

* यह स्कूटर डिस्क के आकार के व्हील हब मोटर से चलती है, जो कि 4 किलोवॉट पावर देती है।

* स्पीड़ 45 किमी प्रति घंटा है।

* इसमें 48 वोल्ट की लिथियम आयन बैटरी लगी है, जो यह 100 किमी तक चल सकती है। 3 से 5 घंटे के भीतर इसे चार्ज किया जा सकता है और वह भी घर के पावर साकेट से।

* यह स्कूटर स्मार्टफोन से जुड़ा है। स्कूटर स्टार्ट होता है तब स्मार्टफोन को हेंडलबार के पास एक विशेष डिजाइन के माउंट पर रखना होता है। इससे स्मार्ट ई-स्कूटर कंसेप्ट से जुड जाता है। एंटी थेफ्ट प्रोटेक्शन कार्य करना बंद कर देता है और स्कूटर स्टार्ट हो जाता है। स्कूटर चलाते समय स्मार्टफोन स्पीड़ोमीटर का कार्य करता है। साथ ही बैटरी लेवल भी बताता है। स्मार्टफोन रास्ते की जानकारी भी ऑनलाइन देता है। गाड़ी पार्क करने के बाद यदि आप भूल गए कि स्कूटर कहाँ रखा है तब स्मार्टफोन के जीपीएस ट्रेकिंग प्रणाली से पता चल जाएगा।

Tuesday, 6 August 2013

जहा बुलट बाइक की भी होती है पूजा रोचक जानकारी




 दोस्तों आज एक रोचक जानकारी मुझे मिली तो सोचा आप को भी पता चलना  चाहिए  तो  देखेये आपने लोगों को मदिर, मस्जिद और गुरूद्वारे में मत्‍था देकते देखा होगा लेकिन क्‍या आपने कभी किसी को मोटरसाइकिल के सामने मत्‍था देक कर अपनी जिंदगी की सलामती दुआ करते देखा है। यदि नहीं देखा है, तो राजस्‍थान जाइये जनाब। राजस्‍थान वैसे ही दुनिया भर के आश्‍चर्यो और रहस्‍यों से भरा हुआ है ऐसे में एक और आश्‍चर्यजनक बात यह है कि यहां पर लोग बुलेट मोटरसा
इकिल के सामने मत्‍था टेकतें हैं।

आपको बता दें कि मत्‍था टेकने वालों की जमात बहुत ही लंबी और पुरानी है। जी हां इस मोटरसाइकिल के सामने न केवल आम लोग मत्‍था टेकतें है बल्कि उस इलाके की सुरक्षा की जिम्‍मेदारी जिनके कंधों पर है यानी कि पुलिस वाले भी इस मोटरसाइकिल की खुब पूजा करतें हैं। अब आप सोच रहें होंगे कि आखिर ऐसा क्‍या है इस मोटरसाइकिल में जो लोग इसकी पूजा अर्चना करतें है तो आइये हम आपको बतातें हैं इसके पीछे छिपे रहस्‍य के बारें में।


यह पूरा मामला राजस्‍थान प्रान्‍त का है। राजस्‍थान से अहमदाबाद जाने वाले राष्‍ट्रीय राजमार्ग पर पाली एक जगह पड़ता है। पाली से लगभग 20 किलोमीटर दूर रोहित थाना क्षेत्र में इस बुलेट मोटरसाइकिल का मंदिर स्थित है। इस पूरे मामले के पिछे एक पुरानी कहानी छिपी है। पाली शहर के पास चोटिला गांव में सन 1988 में ठाकुर जोग सिंह रहा करते थे। उस समय उनके बड़े बेटे ठाकुर ओम सिंह राठौर भी (ओम बना) थे।

मोटरसाइकिल के पीछे की कहानी:

ओम सिंह को पहले से ही बुलेट की सवारी करने का बहुत शौक था। शायद यही कारण था कि राजसी ठाठ के चलते सन 1988 में उनके पास शानदार बुलेट थी। पाली इलाके के लोगों की माने तो उसी समय एक रात ओम सिंह उस रास्‍ते से गुजर रहें थें। रास्‍ते में सड़क के किनारे एक बड़ा पेड़ था जहां पर अधिकांश सड़क दुर्घटनाये हुआ करती थी। उस जगह पर ओम सिंह भी सड़क हादसे के शिकार हो गये।

जहां पर मौके पर ही उनकी मौत हो गई। थोड़ी देर बाद किसी राहगीर ने उन्‍हे सड़क पर पड़ा देखा। देखते ही वो ओम सिंह को पहचान गया क्‍योंकि उस इलाके में उस समय दूर-दूर तक लोगों के पास बुलेट नहीं थी। थोड़ी देर में बात जंगल में आग की तरह फैल गई। खैर सूचना पाकर मौके पर पुलिस भी पहुंच गई और उसने शव को कब्‍जे में लेकर मोटरसाइकिल को थाने भेज दिया।

लेकिन चौकानें वाला मामला तब हुआ जब सुबह को मोटरसाइकिल थाने से नदारद थी। इतना देख पुलिस वाले मोटरसाइकिल को ढूढ़ने निकले जो कि उन्‍हे बीती रात हुई घटना के मौके पर ही पेड़ के नीचे पड़ी मिली। मोटरसाइकिल देख पुलिस वालों के जान में जान आई और वो उसे दोबारा थाने लेकर आयें। लेकिन अगली सुबह फिर वही घटना हुई और मोटरसाइकिल ठिक उसी पेड़ के नीचे पड़ी मिली। बार-बार एक ही घटना होने के कारण पुलिस को भी मामला गंभीर लगा। बाद में पुलिस वालों ने स्‍थानीय ग्रामिणों से राय मशवरा कर इस बुलेट मोटरसाइकिल को पेड़ के नीचे ही एक चबुतरा बना कर रख दिया।

ग्रामिणों का विश्‍वास:

गांव वालों को मानना है कि ओम सिंह बहुत ही नेक इंसान थे वो कभी किसी का बुरा नहीं चाहतें थे। लेकिन प्रकृति की क्रूरता के आगे वो भी बेबस थे जिसके कारण उन्‍हे हादसे का शिकार होना पड़ा। गांव वालों की माने तो ठाकुर ओम सिंह आज भी रात में पेड़ के नीचे आते है और उधर गुजरने वाले लोगों को सुरक्षित घर पुहंचाते हैं। उनका मानना है कि उन्‍ही के कारण वहां पर कभी कोई कोई सड़क हादसा नहीं होता है। यही कारण है कि गांव वाले उनके उस बुलेट मोटरसाइकिल की पुजा अर्चना करतें हैं। इतना ही नहीं कुछ ग्रामिणों को दावा है कि उन्‍होंने रात में ओम सिंह को मोटरसाइकिल के पास देखा भी है।

इस बुलेट को आज बुलेट बाबा के नाम से जाना जाता है, और एक अर्से से इस बुलेट की लोग खुब पूजा अर्चना करतें हैं। इसके अलावा य‍ह भी एक चमत्‍कार ही है कि, यहां पर ठाकुर ओम सिंह की मृत्‍यु के बाद कभी भी दोबारा कोई सड़क हादसा नहीं हुआ है। इस बुलेट के आस-पास पूजा सामाग्री, प्रसाद, चुनरी आदि की बहुत सारी दुकाने सजी रहती हैं। इतना ही नहीं इस इलाके में तैनात होने वाला हर पुलिसकर्मी सबसे पहले इस बुलेट बाबा के सामने मत्‍था टेकता है फिर ड्यूटी पर जाता है। अगर पोस्ट अच्छी हो तो कमेन्ट जरुर करे